आरक्षण भारत छोड़ो
" यह आरक्षण का दंश हमें नष्ट करके जाएगा ! भारत की माटी को नपुंसकों से भर जाएगा। ना होगा यहां योग्यता का सम्मान ना मिलेगी यहां आपके कर्मों को पहचान। बस भूखे भेड़िए करेंगे आपके जीवन का अपमान। "
"यहां लोग स्वार्थी बनते हैं लोगों के दुख से अपना सुख बुनते हैं ना करते किसी का सम्मान बस पुकारते हैं आरक्षण की मांग! "जिस आरक्षण ने देश मिटाया रोजगार शिक्षा को भ्रष्ट बनाया, प्रतिभा को नष्ट कराया। "आज नया ना कोई अंबेडकर पैदा हो पाया ।
इस आरक्षण के कारण ही हमने दुख पाया है भारत मां की माटी से हमने ना कुछ मोल पाया ।देश को सफल बनाना है तो आरक्षण को मिटाना है आरक्षण नहीं अमीरों को आरक्षण सभी गरीबों।
जोभारत में बसते हैं उनके दिल उदास रहते है आरक्षण ना होता यदि तो प्रतिभा ना मरती यूं ।आज देश विश्व गुरु बन जाता, समानता का अधिकार मिल जाता।
जय हिन्द होगा तब आरक्षण से मुक्त भारत होगा जब.....
वन्देमातरम वन्देमातरम वन्देमातरम
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आचार्य भूपेन्द्र हरदैनियां (दार्शनिक एवं शिक्षाविद्)
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