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आरक्षण भारत छोड़ो

" यह आरक्षण का दंश हमें नष्ट करके जाएगा ! भारत की माटी को नपुंसकों से भर जाएगा। ना होगा यहां योग्यता का सम्मान ना मिलेगी यहां आपके कर्मों को पहचान। बस भूखे भेड़िए करेंगे आपके जीवन का अपमान। " "यहां लोग स्वार्थी बनते हैं लोगों के दुख से अपना सुख बुनते हैं ना करते किसी का सम्मान बस पुकारते हैं आरक्षण की मांग! "जिस आरक्षण ने देश मिटाया रोजगार शिक्षा को भ्रष्ट बनाया, प्रतिभा को नष्ट कराया।  "आज नया ना कोई अंबेडकर पैदा हो पाया । इस आरक्षण के कारण ही हमने दुख पाया है भारत मां की माटी से हमने ना कुछ मोल पाया ।देश को सफल बनाना है तो आरक्षण को मिटाना है आरक्षण नहीं अमीरों को आरक्षण सभी गरीबों।  जोभारत में बसते हैं उनके दिल उदास रहते है आरक्षण ना होता यदि तो प्रतिभा ना मरती यूं ।आज देश विश्व गुरु बन जाता, समानता का अधिकार मिल जाता। जय हिन्द होगा तब आरक्षण से मुक्त भारत होगा जब..... वन्देमातरम वन्देमातरम वन्देमातरम मेरे द्वारा ये कविता लिखी गई है आप सभी को सत्य लगी हो तो शेयर करें। आचार्य भूपेन्द्र हरदैनियां (दार्शनिक एवं शिक्षाविद्)

भाषा क्या होती है? आइए जानें

 साथियों जब दो व्यक्ति आपस में अपने भावों या विचारों का आदान प्रदान करते हैं और इसके लिए जिनस साधन की आवश्यकता होतीहैंहोतीहै उसे ही भाषा कहते है‌ सीधे शब्दों में कहें तो जीवन को चलाने के लिए एवं समाज से संपर्क बनाने के लिए भाषा  अत्यंत आवश्यक है भाषा शब्द या वर्णों का समूह मात्र नहीं है यह एक सामाजिक व्यवहार की वस्तु है इसके अंतर्गत जब व्याकरण नियम समाहित हो जाते हैं तो वह ् परिनिष्ठित भाषा कहलाने लगती है बहुत सारे विद्वानों ने भाषा को अलग-अलग रूप में परिभाषित किया है हिंदी भाषा पूरे विश्व में अपना अमूल्य योगदान रखती है यह अंतरष्ट्रीय भाषा के रूप में भी जानी जाती है इसके अंतर्गत कुल 5 भाषाएं एवं 17 बोली आती हैं हिंदी पूरे भारत में संपर्क भाषा और राजभाषा के रूप में जानी जाती है भाषा से संबंधित अन्य जानकारी के लिए हम अपने अगले ब्लॉक में इसकी चर्चा करेंगे साथियों पूरे विश्व में लगभग 13 भाषा परिवार हैं जिनमें से हिंदी का जो भाषा परिवार है वह भारोपीय है किसी भी भाषा के कुछ प्रकार पाए जाते हैं भाषा के मुख्यतः दो प्रकार माने जाते हैं लिखित और मौखिक परंतु कुछ  विद्वान एक तीसरा प्...

हिन्दी शब्द का इतिहास

 विद्वानों के मतानुसार हिंदी शब्द फारसी भाषा से लिया गया है साथियों जब ईरान से कुछ लोग खेवर दर्रे से होते हुए जो  वर्तमान में पाकिस्तान में हैं। सिंध नदी के पास-पास का क्षेत्र यहां बसे हुए लोगों को उन्होंने हिंदवासी कहां और सिंधू नदी को हिंदू कहा।साथियों ईरानी लोग 'स' का प्रयोग 'ह' की तरह करते हैं और 'ध'का प्रयोग 'द' की तरह इसी कारण उन्होंने सिंधु नदी को हिंदू और वहां के लोगों को हिंद देश के वासी कहा जिससे वर्तमान में हमारे देश का नाम हिंदू+स्थान(हिन्दुस्तान)हुआ। बहुत सारे विद्वानों के अलग-अलग मत हैं साथियों परंतु मूल मत यही माना जाता है कि हिंदी फारसी भाषा का शब्द है और यह ईरान के लोगों से मिला है जबकि कुछ विद्वान यह भी मानते हैं की हिंदी शब्द संस्कृत की (हिन्+टू) धातु से बना है जिसका अर्थ होता है "दुष्टों का संहार करने वाली भाषा" हिंदी भाषा की महत्वता उसकी व्यापकता को आप इसी से समझ सकते हैं कि जितनी भी भाषा हिंदी के संपर्क में आयी वे सभी भाषाएं हिंदी में मिलती ग‌ई ।आज विश्व की अधिकतर भाषाओं के शब्द हिंदी भाषा में देखे जा सकते हैं इसीलिए यह कह...